इस वार्ता में हम ऋत और अनऋत जैसे सुंदर शब्दों की व्याख्या करते हैं जिन्हे हम वेदों मे कई बार देखते हैं।
इस हिंदी वार्ता में हम देखते हैं किस तरह कर्म को पूर्णता से किया जाना चाहिए बिना उसमे कठोरता लाए। [Perfection in Work]
इस वार्ता में हम गंगा, जमुना और सरस्वती के सूक्ष्म और गुह्य सत्य को देखते हे। [Ganga Yamuna Saraswati]
(Asha evam Akansha) This brief reflection is about the difference between hope and desire.